Friday, May 22, 2026

'संगत: विश्वनाथ त्रिपाठी' —वेद प्रकाश साक्षात्कार (Interview)

 





'संगत: विश्वनाथ त्रिपाठी' —वेद प्रकाश पुस्तक मूलतः साक्षात्कार (Interview) विधा की पुस्तक है।इस पुस्तक में वरिष्ठ साहित्यकार एवं आलोचक डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी के साथ किए गए विस्तृत संवाद, उनके जीवन के अनुभवों और साहित्यिक दृष्टिकोण का संकलन किया गया है।'

प्रकाशन वर्ष : 2026

विश्वनाथ त्रिपाठी की पुस्तक ‘संगत’ केवल एक किताब नहीं, बल्कि स्वयं त्रिपाठी जी के बहुआयामी व्यक्तित्व का जीवंत रूप है। यह कृति दिखाती है कि किस प्रकार एक व्यक्ति के भीतर पूरा संसार समाहित हो सकता है और उसकी सर्जनात्मक अभिव्यक्ति किस रूप में सामने आती है। पुस्तक में त्रिपाठी जी  अनेक आयामों में उपस्थित हैं, किंतु वे बिखरे हुए नहीं लगते, बल्कि ‘मिलिन्दप्रश्न’ के अविभाज्य रथ की भाँति एकात्म दिखाई देते हैं।

इसमें परिवार, साहित्य, कविता, कहानी, नाटक, उपन्यास, आलोचना, समाज, राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय दृष्टि, प्रकृति, संगीत और भोजन जैसे विविध पक्ष मिलकर एक विशिष्ट सांस्कृतिक रस का निर्माण करते हैं। यहाँ स्मृतियों की ऐसी दुनिया भी है जो समय और सीमाओं से परे जाती है, साथ ही वर्तमान जीवन की जटिलताओं और यथार्थ का सजीव चित्रण भी मिलता है।

पुस्तक पढ़ने के बाद यह अनुभव होता है कि त्रिपाठी जी का भावलोक मानवीय संवेदनाओं से निर्मित ऐसा संसार है, जहाँ जीवन और उसके सौंदर्य का सहज स्वीकार है। साथ ही सौंदर्य के भीतर छिपी पीड़ा की पहचान, मिथकों के गूढ़ अर्थों को उद्घाटित करने की क्षमता, विकसित होती नैतिक चेतना के प्रति प्रतिबद्धता तथा गंभीर विषयों को सहज संवाद के माध्यम से समझा देने की अद्भुत विशेषता भी इस कृति में दिखाई देती है।


•• आर. पी. शुक्ला

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